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पूर्वांचल में सियासत का महासमर

Posted On: 31 Jan, 2010 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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शनिवार को गोरखपुर में सियासी उबाल की नींव पडी। इधर हिन्‍दुओं के अगुवा और गोरक्षपीठ के उत्‍तराधिकारी योगी आदित्‍यनाथ अपनी युवा वाहिनी के दिलों में ऊर्जा भर रहे थे और उधर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक डा: मोहसिन अहमद शहर-ए-काजी मौलाना वलीउल्‍लाह साहब को लेकर मुसलमानों को एकजुट कर रहे थे। एक ही दिन गोरखपुर से दो संगठनों ने अपनी ताकत बढाने के लिए नयी कवायद शुरू की। मोहसिन की सभा में तय हुआ कि 2 मार्च को दिल्‍ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी गोरखपुर में आयेंगे। इस जलसे में पूर्वांचल के मुसलमान शामिल होंगे। सच्‍चर कमेटी, रंगनाथ मिश्र और लिब्रहान आयोग की सिफारिशों को लागू कराने और उस पर कार्रवाई की मांग को लेकर अब उन लोगों की आवाज मुखर है। मुस्लिम मजलिस अमल के जरिये इन लोगों ने अपनी एकजुटता दिखाने की पहल की है। इनकी एकजुटता का असर तो मियां साहब इस्‍लामियां इण्‍टर कालेज के हाकी मैदान में 2 मार्च को देखने को मिलेगा जब शाही इमाम आयेंगे। लेकिन इन लोगों ने 14 तारीख को अपनी रणनीति बनाने के लिए अपनी कौम के लोगों की जुटान की है। इसके लिए शूरमाओं को संदेश पहंुचाया जा रहा है।

गौरतलब है कि  अभी कुछ दिन पहले गोरखपुर में अमर सिंह आये थे। उन्‍होंने तकरीबन वही बात दुहरायी जो मुस्लिम मजलिस अमल की बैठक में तय किया गया है। अमर सिंह ने कहा कि वे मुसलमानों के हक के लिए मौलाना ओबेदुल्‍ला, पीस पार्टी, नेलोपा और उन सभी संगठनों के लोगों से बातचीत करेंगे जो मुसलमानों के हित की बात कर रहे हैं। कुछ लोगों ने तब यह प्रचारित किया था कि अमर सिंह गोरक्ष मंदिर जाकर बाबा से मुलाकात करेंगे लेकिन अमर सिंह वहां नहीं गये। जिस क्षत्रिय महासभा के बैनर पर वे यहां कार्यक्रम में शिरकत करने आये थे उस महासभा के अध्‍यक्ष हरिवंश सिंह ने बाबा से जाकर मुलाकात की। पर अमर सिंह नहीं गये।

माना जा रहा है कि पूर्वांचल में सभी दलों के नेताओं की निगाह टिकी है। बहुजन समाज पार्टी  ने चार बार से विधान परिषद सदस्‍य चुने जा रहे गणेश शंकर पाण्‍डेय को विधान परिषद का सभापति बना दिया तो भाजपा ने यहीं के एमएलसी विनोद पाण्‍डेय को मुख्‍य सचेतक। सपा ने बस्‍ती के ब्रजभूषण तिवारी को राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष, देवरिया के मोहन सिंह को प्रवक्‍ता और राष्‍ट्रीय महासचिव तैनात कर दिया। दूसरे अन्‍य दलों में भी पूर्वांचल के लोगों को तरजीह मिल रही है। यह माना जा रहा है कि पूर्वांचल सियासत का सबसे बडा गढ बनने जा रहा है। चूंकि इधर पूर्वांचल राज्‍य के मुद़दे को भी हवा मिल रही है और अब इसकी कमान अमर सिंह पकडने जा रहे हैं इस नाते भी पूर्वांचल सबकी निगाहों के केन्‍द्र में है।

इस बात की चर्चा इसलिए प्रासंगिक है कि एक तरफ योगी आदित्‍य नाथ भाजपा की लकीर को छोडकर अपनी ताकत की एक बडी लकीर बना रहे हैं तो दूसरी तरफ मुस्लिम मजलिस अमल के बैनर से मुसलमान एकत्र हो रहे हैं। जो शहर-ए-काजी मौलाना वलीउल्‍लाह कभी किसी सियासी जलसे में शामिल नहीं हुये वे शनिवार के सम्‍मेलन की सदारत किये। मुझे याद है जिन दिनों गोरखपुर में कफ़र्यू लगा था, मौलाना वलीउल्‍लाह अपने घर पर छोटे बच्‍चों को तालीम दे रहे थे। मैंने शहर के हालात पर बातचीत शुरू की तो बोले- मैं तो लोगों से यही कहूंगा कि न तुम हमको मारो, न हम तुमकों मारें। मौलाना को लेकर गैर सियासी मजलिस के बहाने ही सही लेकिन अपनी ताकत की जुटान करना एक नये तरह का संकेत है। यघपि यह कहा जा सकता है कि शनिवार के कार्यक्रम को उन लोगों ने गैर राजनीतिक करार दिया था लेकिन बात सियासत की ही हुई। खुद मौलाना ने सबको एकजुट करने के लिए पहल की और अपने लोगों को पूर्वांचल के जिलों में जनसम्‍पर्क के लिए निकल जाने को कहा। मौलाना की यह पहल वाकई सियासी समझदारों के कान खडे करने वाली है। पूर्वांचल में इस बार बेहद चतुराई से हर लोग अपनी अपनी खिचडी पका रहे हैं। पूर्वांचल सियासत का महासमर बनने जा रहा है। अब देखना यही है कि यहां किसकी कितनी दाल गलती है।  कुछ समझदार लोग यह भी कहने लगे हैं कि अब पूर्वांचल में एक नया गेम शुरू होने जा रहा है- तुम मुझ पर तानों- हम तुम पर तानें—- खैर जो हो लेकिन यहां तो चट़टी चौराहे पर संसद और विधानसभा की बहसें चलती हैं। लोग बहुत समझदार हो गये हैं। कोई रणनीति बाद में बनती है, उसकी आहट पहले ही भांप लेते हैं।

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52 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Jimbo के द्वारा
May 21, 2011

That’s rlealy shrewd! Good to see the logic set out so well.

sanjay- devria के द्वारा
February 4, 2010

rajniti men sam, dam, dand aur bhed sab chalta hai bhai! ye sab ek bahane hain, ise dil pe mat le yar! tu salamat rah aur ki bord par teri ungliyaan salamat rahen….ha ha ha!

    Marlien के द्वारा
    May 21, 2011

    In awe of that answer! Raelly cool!

S R के द्वारा
February 4, 2010

अब पूर्वांचल में एक नया गेम शुरू होने जा रहा है-

    Jayhawk के द्वारा
    May 21, 2011

    Home run! Great sulgngig with that answer!

Manoj के द्वारा
February 4, 2010

abhi to ajam khan bhi ek nayi siyasat shuru karne vaale hain.

piyush kumar rai के द्वारा
February 4, 2010

bhai ye aaj se nahi hamesa se hota raha hai suruaat to log purvanchal se karte hai lekin baad me bhul jate hai. nahi to 56 MLA aur 15 MP bhejne wala purvancha apni durdasha par rota hi kyn

ram surat yadava के द्वारा
February 2, 2010

पूर्वांचल में इस बार बेहद चतुराई से हर लोग अपनी अपनी खिचडी पका रहे हैं।

rajmani pandey के द्वारा
February 2, 2010

rajneeti ke khel ke ye majboot aadhaar hain. bina inke vote bank kaise banega.

varun singh के द्वारा
February 2, 2010

chunav tak yah sab khel chalega. fir chunav ayega to ye mudde bahar laaye jayenge. apne sab sanketon men saf kar diya hai.

sumit rana के द्वारा
January 31, 2010

jahaan tak meri jankari hai gorakhpur ke hi firaq sahab ne likha hai- bahut pahle se un kadmon ki ahat jan lete hain, tujhe ai jindgi ham dur se pahchan lete hain. …..yah janta hai, sab janti hai.

    Wind के द्वारा
    May 21, 2011

    YMMD with that asnewr! TX

Akhilesh-indian journlist association के द्वारा
January 31, 2010

मौलाना की यह पहल वाकई सियासी समझदारों के कान खडे करने वाली है।

shakti singh- mau के द्वारा
January 31, 2010

yah sab chalta rahta hai. agar itna sab n ho to log in netaon ko apna masiha kaise samjhenge. yah masiha banane aur vot batorne ka nuskha hai.

rajesh chandra mishra के द्वारा
January 31, 2010

sir what do you think about the next step of congres on this hole issue.is congres touch this muslim issue and purvanchal issue.becoz sp.bsp and bjp give place to purvanchal in his party.

abhimanyu tyagi के द्वारा
January 31, 2010

Bhai sahab this is just a propaganda of some leaders to become HINDU Neta or big hinduism face and muslim face or muslim hero.. in west Up there are many muslims leaders who do minorities rallies and also hindu leaders who do rallies….. this time there is no pwerful muslim face in purwanchal so thats why some people wants to become muslim hero. Jai Hind regards: Abhimanyu Tyagi Meerut- Uttar Pradesh

    Lele के द्वारा
    May 21, 2011

    Now we know who the sneslibe one is here. Great post!

navneet tripathi gorakhpur के द्वारा
January 31, 2010

aaj bhi yogi aur unki hyv ne apna tevar dikhaya hai

navneet tripathi gorakhpur के द्वारा
January 31, 2010

yeh to saph hye ki siyast da purvanchal ko aapni jamin tayeyar karne ke liye hi estemal karte rahe hye. yaha ke vikas ki kbhi kisi ko koi chinta nahi rahi. dekhna hye ki ubhar rahe naye samikarno me eska kitna bhala ho pata hye.

Sanjay Mishra, Jagran के द्वारा
January 31, 2010

aapne bilkul sahi kaha, vastav me poorvanchal me yah rajnitik drama ka samar hi chal raha hai, dekha jay to sabhi neta apni rajnitik roti sekne ka kam kar rahe hain, janta ki fikra kisi ko nahi hai, ab har koi ishi talash me hai ki vo poorvancahl ki rajniti ka hiro ho jay lakin aapne sahi likha ki aam log bahut samajhdar ho gaye hain.

    अम्‍बुज के द्वारा
    April 11, 2010

    संजय जी बिल्‍कुल सही शब्‍द का जरा सोच समझ कर प्रयोग कीजिए। जो ही पोस्‍ट अच्‍छी लग रही है कमेन्‍ट यहीं से शुरू हो रहा है- बिल्‍कुल सही। अरे भाई बिल्‍कुल सही का कोई पैमाना लिए हैं क्‍या आप।

sankalp के द्वारा
January 31, 2010

लोग बहुत समझदार हो गये हैं। कोई रणनीति बाद में बनती है, उसकी आहट पहले ही भांप लेते हैं।

ravikant, Muzaffarpur के द्वारा
January 31, 2010

good post

ajey के द्वारा
January 31, 2010

खबर स्थानीय है. पूर्वाँचल राज्य की माँग ध्यान खींचता है. आनंद जी मैं जानना चाह रहा था कि सिद्ध गोरक्ष पा की विरासत आज किस रूप में वहाँ जीवित है? कभी एक साँस्कृतिक फीचर इस विषय पे ज़रूर लिखें. लोक मे उस की क्या मान्यता है, और सत्ता के गलियारे मे उस की दखल कैसी है….

ashish sharma के द्वारा
January 31, 2010

sir her election se pahel aisa hota hai aur gorakhpur koi apvad nahin hai

    Turk के द्वारा
    May 20, 2011

    Thank God! Someone with brains sapeks!

udaya pant के द्वारा
January 31, 2010

कह हिन्दू मोहे राम पियारा, तुर्क कहे रहमाना आपस में दोइ लरि लरि मूए, मर्म न काहू जाना!

A RAI के द्वारा
January 31, 2010

very good post

sumit के द्वारा
January 31, 2010

bahut sahi samay par mila julaa khel ujagar

विनय के द्वारा
January 31, 2010

अब सिर्फ ढाई साल बाद विधान सभा के चुनाव हैं। यह चोंचलेबाजी चलेगी।


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